श्री माधवदेव सेवा संस्थान ®

श्री परशुराम कॉलोनी, रेवाड़ी, हरियाणा -123401
मुख्य कार्यालय सम्पर्क सूत्र - +91 97 28 62 1008, 01274 - 294008

                           Questions, answered

Everything people usually ask before getting started.

कर्मकाण्ड और ज्योतिष सीखने का उद्देश्य क्या होना चाहिये ?

कर्मकाण्ड और ज्योतिष सीखने का मुख्य उद्देश्य समाज कल्याण होना चाहिए इसे किसी व्यावसायिक लाभ के बजाय समाज की सेवा और भलाई की भावना से सीखा जाना चाहिए

प्रतिदिन कम से कम कितने घंटे अध्ययन करना अनिवार्य है ?

संस्थान के नियमानुसार प्रतिदिन कम से कम 5 घंटे सुबह और 4 घंटे रात्रि में (कुल मिलाकर 9 से 10 घंटे से अधिक) अध्ययन करना अनिवार्य है । यदि आप नियमित रूप से इतना समय नहीं दे सकते, तो अध्ययन का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाएगा ।

मन्त्रों का बोलकर अभ्यास कब और कैसे करें ?

पाठ्यक्रम की क्रमबद्ध 700 से अधिक वीडियो देखने के बाद आप वीडियो के साथ बोलने का अभ्यास कर सकते हैं, लेकिन विशेष ध्यान रहे कि अभ्यास करते समय मुख से आवाज बाहर नहीं आनी चाहिए । शुरुआती वीडियो देखते समय उच्चारण बिल्कुल नहीं करना है, केवल ध्यान से सुनना है ।

इतने कठोर नियम क्यों बनाये गए है ?

इतने कठोर नियमों को लागू करने का एकमात्र उद्देश्य संस्थान से जुड़े श्रद्धावान्, नियमित एवं अनुशासित विद्यार्थियों को अश्रद्धावान्, अनियमित और अनुशासनहीन विद्यार्थियों से अलग रखना है, ताकि समर्पित छात्रों के अध्ययन को उच्चतम शिखर तक ले जाया जा सके ।

Google Meet संगोष्ठी व कक्षा कब होती है?

कक्षा: प्रत्येक रविवार को प्रातः 04:00 बजे होती है ।
संगोष्ठी: प्रतिरात्रि (रोजाना रात को) 08:00 बजे होती है ।

संस्थान की सभी विडियो में कोड क्यों दिए गए हैं ?

वीडियो में कोड इसलिए बनाए गए हैं ताकि संस्थान यह पता लगा सके कि किस विद्यार्थी ने सभी वीडियो को बिना स्किप किए, बिना गति (speed) बढ़ाए और संस्थान के नियमानुसार क्रमबद्ध तरीके से पूरा देखा है ।

विद्यार्थी का विशेष शस्त्र क्या है ?

विद्यार्थी का विशेष शस्त्र धैर्य, श्रद्धा और अनुशासन है ।

इस pdf का क्या नाम है ?

इस PDF का नाम “संस्थान प्रवेशिका मणि” है ।

संस्थान कोर्स में कुल कितनी विडियो हैं ?

संस्थान के इस निःशुल्क कोर्स में कुल 2500 वीडियो हैं, जिनका कुल समय लगभग 400 घंटे है ।

संस्थान में अध्ययन का शुल्क क्या है ?

संस्थान में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही प्रकार के कोर्स पूर्णतः निःशुल्क (100% Free) हैं । ऑफलाइन रहने, भोजन और पाठ्य सामग्री की व्यवस्था भी मुफ्त है । समाज कल्याण के उद्देश्य से इसे सीख लेना ही संस्थान के लिए असली गुरुदक्षिणा या शुल्क है ।

Google Meet कक्षा आदि में Bluetooth, Earphone का प्रयोग क्यों नहीं करना चाहिए ?

यदि आप Bluetooth या Earphone लगाकर माइक ऑन करके बोलते हैं, तो आपकी आवाज स्पष्ट सुनाई नहीं देती है, जिससे कक्षा या संगोष्ठी में जुड़े अन्य विद्यार्थियों को असुविधा होती है । हालांकि, केवल सुनने के लिए आप इनका प्रयोग कर सकते हैं, पर बोलते समय इन्हें हटाना अनिवार्य है ।

कर्मकाण्ड और ज्योतिष कौन सीख सकता है ?

ज्योतिष का अध्ययन कोई भी व्यक्ति (चाहे वह महिला हो या किसी भी वर्ण का व्यक्ति) कर सकता है । परंतु, कर्मकाण्ड (पूजा-अनुष्ठान कराना) केवल जन्मना एवं कर्मणा ब्राह्मण को ही कराना शास्त्रोचित माना गया है ।

संस्थान ने अध्ययन के कितने नियम है ?

इस PDF में अध्ययन को सुव्यवस्थित और अनुशासित बनाने के लिए कुल 24 नियम (अध्ययन की कुञ्जिका) बताए गए हैं ।

प्रारम्भिक विडियो लम्बी बनाने का क्या उद्देश्य है ?

शुरुआती वीडियो को जानबूझकर लंबा और थोड़ा उबाऊ (boring) बनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि जो व्यक्ति अश्रद्धावान और धैर्यहीन है, वह पहले ही छंट जाए और कोई भी गैर-गंभीर व्यक्ति संस्थान से न जुड़ सके ।

संस्थान कहाँ स्थित है ?

“श्री माधवदेव सेवा संस्थान” गुरुकुल श्रीपरशुराम कॉलोनी, रेवाड़ी, हरियाणा (पिन कोड: 123401) में स्थित है ।

Google Meet संगोष्ठी, कक्षा का लिंक कहाँ मिलेगा ?

Google Meet की संगोष्ठी और कक्षा का लिंक संस्थान के “WhatsApp Channel” पर प्राप्त होगा (नया लिंक आवृत्ति WhatsApp ग्रुप में भी भेजा जा सकता है)।

संस्थान में ऑफलाइन और ऑनलाइन कोर्स की अवधि क्या है ?

ऑनलाइन कोर्स: यदि आप प्रतिदिन 10 घंटे अध्ययन करते हैं, तो 2500 वीडियो का यह कोर्स लगभग 40 दिन (अधिकतम 60 दिन) में सम्पन्न हो जाता है ।
ऑफलाइन कोर्स: गुरुकुल में आकर सीखने की अवधि कम से कम 20 दिन और अधिक से अधिक “प्रभु इच्छा” (आपकी लगन और क्षमता) तक है ।

संस्थान में offline आकर कैसे सीखें ?

ऑफलाइन गुरुकुल में प्रवेश पाने के लिए आपको सबसे पहले प्रत्येक रविवार सुबह 4 बजे होने वाली फ्री Google Meet कक्षा में लगातार 15 बार जुड़ना होगा और ऑनलाइन निःशुल्क कोर्स की पाँच आवृत्तियाँ (रिवीजन) श्रद्धा एवं अनुशासनपूर्वक पूर्ण करनी होंगी ।

संस्थान का निःशुल्क कोर्स कहाँ उपलब्ध है ?

संस्थान का यह निःशुल्क कोर्स उनके आधिकारिक YouTube चैनल की प्लेलिस्ट (Playlist) में उपलब्ध है । चैनल का लिंक उनकी वेबसाइट पर दिया गया है ।

सूतक के विषय में क्या बताया गया है ?

परिवार में सूतक होने की स्थिति में संस्थान को तुरंत सूचित करते हुए अपने अध्ययन को रोक देना चाहिए। सूतक की अवधि समाप्त होने के बाद अध्ययन को ठीक उसी जगह से दोबारा शुरू करना चाहिए जहाँ उसे रोका गया था ।

एक ही विडियो को बार बार repeat करके क्यों नहीं देखनी चाहिए ?

एक ही वीडियो को बार-बार देखने से उस विषय के प्रति आपकी रुचि (interest) समाप्त हो सकती है । जैसे एक ही भोजन रोज खाने से अरुचि पैदा होती है, वैसे ही पढ़ाई में भी मन लगना बंद हो सकता है । जो बात पहली बार में समझ न आए, वह कोर्स में आगे बढ़ने पर अपने आप समझ आने लगती है ।

प्रारम्भिक विडियो बोरिंग किन विद्यार्थियों को अनुभव होंगी ?

शुरुआती वीडियो केवल उन्हीं विद्यार्थियों को उबाऊ या बोरिंग लगेंगी जो अश्रद्धावान, धैर्यहीन और अनुशासनहीन होंगे ।

Google Meet संगोष्ठी आदि में नकारात्मक वाक्यों का प्रयोग क्यों नहीं करना चाहिए ?

Google Meet पर “आज मेरा अध्ययन नहीं हुआ”, “आज मैं व्यस्त था” जैसी नकारात्मक बातें करने से अन्य विद्यार्थियों में भी नकारात्मकता का प्रसार होता है । संस्थान का माहौल सदैव सकारात्मक और प्रेरणादायी बना रहना चाहिए ।

यज्ञोपवीत के विषय में इस pdf में क्या बताया गया है सम्पूर्ण जानकारी दें ?

शास्त्र आज्ञा के अनुसार, जिनका यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार नहीं हुआ है, उन्हें वेद मंत्रों का सस्वर उच्चारण नहीं करना चाहिए । ऐसे लोग या तो वीडियो को केवल क्रमबद्ध रूप से देखें और सुनें, या फिर पहले किसी विद्वान ब्राह्मण से अपना यज्ञोपवीत संस्कार करवा लें । संस्थान स्वयं भी प्रत्येक वर्ष ‘श्रीगुरुपूर्णिमा महामहोत्सव’ के पावन अवसर पर निःशुल्क यज्ञोपवीत संस्कार आयोजित करवाता है ।

कोर्स की सभी विडियो को क्रमबद्ध देखना क्यों अनिवार्य है ?

जैसे किसी पुस्तक को पूरी तरह समझने के लिए उसे शुरुआत से अंत तक क्रम से पढ़ना पड़ता है, वैसे ही ज्योतिष और कर्मकाण्ड के गूढ़ ज्ञान को समग्रता से समझने के लिए सभी वीडियो को बिना स्किप किए क्रमबद्ध देखना अनिवार्य है । अपनी मर्जी से बीच-बीच में से वीडियो देखने पर पूर्ण लाभ नहीं मिलता ।

अध्ययन का सूत्र क्या बताया गया है ?

अध्ययन का सूत्र यह बताया गया है कि संस्थान द्वारा निर्देशित नियमों से डरना नहीं है, बल्कि धैर्यपूर्वक और श्रद्धापूर्वक उन्हें अपने जीवन में धारण करना है । ब्राह्मण का जीवन तपस्या पूर्ण होता है और बिना तपे कुछ भी प्राप्त नहीं होता ।

अध्ययन भेजने का प्रारूप क्या है ?

प्रतिदिन रात 08:40 से 09:30 के बीच WhatsApp ग्रुप में अध्ययन इस प्रारूप में भेजना अनिवार्य है:
॥ श्रीगुरुचरणकमलेभ्यो नमः ॥
सम्पूर्ण अध्ययन अवधि- (जितने समय से संस्थान से जुड़े हो)
आज का अध्ययन – (जितने घण्टे अध्ययन किया हो) विडियो संख्या………………. से विडियो संख्या  ……………………… तक
(नोट: सुबह 1 से 4 बजे के बीच केवल “जय श्रीराम / हर हर महादेव” लिखकर उपस्थिति लगानी होती है)

संस्थान द्वारा संचालित WhatsApp ग्रुप के क्या क्या नाम हैं ?

संस्थान द्वारा अनुशासित विद्यार्थियों के लिए निम्नलिखित पाँच WhatsApp ग्रुप संचालित किए जाते हैं:
पाठ्यक्रम आवृत्ति 1
पाठ्यक्रम आवृत्ति 2
पाठ्यक्रम आवृत्ति 3
पाठ्यक्रम आवृत्ति 4
पाठ्यक्रम आवृत्ति 5

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